


छत्तीसगढ़ में पिछले 72 घंटों से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बिलासपुर, मुंगेली, बस्तर और दुर्ग सहित कई जिलों में लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवातीय परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र का असर अब उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ तक पहुंच गया है। इसके चलते पाली, मस्तूरी, मुंगेली, तोकापाल, बस्तर, रायपुर, बिल्हा और राजनांदगांव जैसे इलाकों में लगातार मूसलधार बारिश हो रही है।
भारी बारिश के आंकड़े
पाली: पिछले 3 दिनों में 300 मिमी बारिश
बेलगहना: 220 मिमी
मस्तूरी: 200 मिमी से अधिक
24 घंटे में
पाली: 260 मिमी
बेलगहना: 160 मिमी
मस्तूरी: 140 मिमी
मुंगेली: 120 मिमी
रतनपुर: 100 मिमी
रायपुर: 70 मिमी
बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया है, और कई ग्रामीण क्षेत्रों में खेत जलमग्न हो गए हैं। कुछ स्थानों पर पुल-पुलियाएं डूब चुकी हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड में
रायगढ़, बिलासपुर, मुंगेली, बेमेतरा, दुर्ग और बस्तर के कई इलाकों में नदी-नाले खतरे के निशान के करीब पहुंच चुके हैं। बस्तर की इंद्रावती और बिलासपुर क्षेत्र की अरपा नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।प्रशासन ने निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है और आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय कर दिया गया है।